यशायाह ६५:२
मैं एक हठीली जाति के लोगों की ओर दिन भर हाथ फैलाए रहा, जो अपनी युक्तियों के अनुसार बुरे मार्गों में चलते हैं। (रोम. 10:20,21)यशायाह ६५:२ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Isaiah 65:2
- I have spread out my hands all day to a rebellious people, who walk in a way that is not good, after their own thoughts;
- ગુજરાતી — યશાયા ૬૫:૨
- જે માર્ગ સારો નથી તે પર જેઓ ચાલે છે, પોતાના વિચારો અને યોજનાઓ પ્રમાણે જેઓ ચાલ્યા છે! એ હઠીલા લોકોને વધાવી લેવા મેં આખો દિવસ મારા હાથ ફેલાવ્યા.
संदर्भ में
१जो मुझ को पूछते भी न थे वे मेरे खोजी हैं; जो मुझे ढूँढ़ते भी न थे उन्होंने मुझे पा लिया, और जो जाति मेरी नहीं कहलाई थी, उससे भी मैं कहता हूँ, “देख, मैं उपस्थित हूँ।”
२मैं एक हठीली जाति के लोगों की ओर दिन भर हाथ फैलाए रहा, जो अपनी युक्तियों के अनुसार बुरे मार्गों में चलते हैं। (रोम. 10:20,21)
३ऐसे लोग, जो मेरे सामने ही बारियों में बलि चढ़ा-चढ़ाकर और ईंटों पर धूप जला-जलाकर, मुझे लगातार क्रोध दिलाते हैं।
४ये कब्र के बीच बैठते और छिपे हुए स्थानों में रात बिताते; जो सूअर का माँस खाते , और घृणित वस्तुओं का रस अपने बर्तनों में रखते;
