Skip to content
Methodist Church Nadiad
(परन्तु मैंने न तो उसको श्राप देते हुए, और न उसके प्राणदण्ड की प्रार्थना करते हुए अपने मुँह से पाप किया है);

अय्यूब ३१:३० · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishJob 31:30
(I have certainly not allowed my mouth to sin by asking his life with a curse);
ગુજરાતીઅયૂબ ૩૧:૩૦
તેથી ઊલટું ખરેખર, તો મેં મારા મુખને મારા દુશ્મનોને શાપ આપવાનું અને તેઓ મરણ પામે તે ઇચ્છવાનું પાપ થવા દીધું નથી.

संदर्भ में

२८तो यह भी न्यायियों से दण्ड पाने के योग्य अधर्म का काम होता; क्योंकि ऐसा करके मैंने सर्वश्रेष्ठ परमेश्वर का इन्कार किया होता।

२९“ यदि मैं अपने बैरी के नाश से आनन्दित होता , या जब उस पर विपत्ति पड़ी तब उस पर हँसा होता;

३०(परन्तु मैंने न तो उसको श्राप देते हुए, और न उसके प्राणदण्ड की प्रार्थना करते हुए अपने मुँह से पाप किया है);

३१यदि मेरे डेरे के रहनेवालों ने यह न कहा होता, ‘ऐसा कोई कहाँ मिलेगा, जो इसके यहाँ का माँस खाकर तृप्त न हुआ हो?’

३२(परदेशी को सड़क पर टिकना न पड़ता था; मैं बटोही के लिये अपना द्वार खुला रखता था);

पूरा अध्याय पढ़ें

Ask us anything

Try asking

This assistant searches this website and the Bible, and uses AI for general questions about the Bible — those answers are marked. It cannot answer everything; for anything personal, please speak to our pastors.