योना ४:१०
तब यहोवा ने कहा, “जिस रेंड़ के पेड़ के लिये तूने कुछ परिश्रम नहीं किया, न उसको बढ़ाया, जो एक ही रात में हुआ, और एक ही रात में नाश भी हुआ; उस पर तूने तरस खाई है।योना ४:१० · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Jonah 4:10
- The LORD said, “You have been concerned for the vine, for which you have not labored, neither made it grow; which came up in a night and perished in a night.
- ગુજરાતી — યૂના ૪:૧૦
- ત્યારે ઈશ્વરે તેને કહ્યું કે, આ છોડ કે જેને માટે તેં નથી શ્રમ કર્યો કે નથી તેને ઉગાવ્યો. તે એક રાત્રે ઊગ્યો અને બીજી રાત્રિએ નષ્ટ થયો . આ છોડ પર તને અનુકંપા થઈ રહી છે.
संदर्भ में
८जब सूर्य उगा, तब परमेश्वर ने पुरवाई बहाकर लू चलाई, और धूप योना के सिर पर ऐसे लगी कि वह मूर्छा खाने लगा; और उसने यह कहकर मृत्यु माँगी, “मेरे लिये जीवित रहने से मरना ही अच्छा है।”
९परमेश्वर ने योना से कहा, “तेरा क्रोध, जो रेंड़ के पेड़ के कारण भड़का है, क्या वह उचित है?” उसने कहा, “हाँ, मेरा जो क्रोध भड़का है वह अच्छा ही है, वरन् क्रोध के मारे मरना भी अच्छा होता।”
१०तब यहोवा ने कहा, “जिस रेंड़ के पेड़ के लिये तूने कुछ परिश्रम नहीं किया, न उसको बढ़ाया, जो एक ही रात में हुआ, और एक ही रात में नाश भी हुआ; उस पर तूने तरस खाई है।
११फिर यह बड़ा नगर नीनवे, जिसमें एक लाख बीस हजार से अधिक मनुष्य हैं, जो अपने दाएँ-बाएँ हाथों का भेद नहीं पहचानते, और बहुत घरेलू पशु भी उसमें रहते हैं, तो क्या मैं उस पर तरस न खाऊँ?”
