योना ४:११
फिर यह बड़ा नगर नीनवे, जिसमें एक लाख बीस हजार से अधिक मनुष्य हैं, जो अपने दाएँ-बाएँ हाथों का भेद नहीं पहचानते, और बहुत घरेलू पशु भी उसमें रहते हैं, तो क्या मैं उस पर तरस न खाऊँ?”योना ४:११ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Jonah 4:11
- Shouldn’t I be concerned for Nineveh, that great city, in which are more than one hundred twenty thousand persons who can’t discern between their right hand and their left hand, and also many animals?”
- ગુજરાતી — યૂના ૪:૧૧
- તો આ મહાનગર નિનવે કે જેમાં એક લાખ વીસ હજાર લોકો એવા છે કે જેઓ તેમના પોતાના જમણાં કે ડાબા હાથ વચ્ચે શો તફાવત છે તે પણ સમજતા નથી. વળી જે નગરમાં ઘણાં જાનવર છે. એ નગર પર મને અનુકંપા ના ઊપજે?”
संदर्भ में
९परमेश्वर ने योना से कहा, “तेरा क्रोध, जो रेंड़ के पेड़ के कारण भड़का है, क्या वह उचित है?” उसने कहा, “हाँ, मेरा जो क्रोध भड़का है वह अच्छा ही है, वरन् क्रोध के मारे मरना भी अच्छा होता।”
१०तब यहोवा ने कहा, “जिस रेंड़ के पेड़ के लिये तूने कुछ परिश्रम नहीं किया, न उसको बढ़ाया, जो एक ही रात में हुआ, और एक ही रात में नाश भी हुआ; उस पर तूने तरस खाई है।
११फिर यह बड़ा नगर नीनवे, जिसमें एक लाख बीस हजार से अधिक मनुष्य हैं, जो अपने दाएँ-बाएँ हाथों का भेद नहीं पहचानते, और बहुत घरेलू पशु भी उसमें रहते हैं, तो क्या मैं उस पर तरस न खाऊँ?”
