यहोशू १७:१४
यूसुफ की सन्तान यहोशू से कहने लगी, “हम तो गिनती में बहुत हैं, क्योंकि अब तक यहोवा हमें आशीष ही देता आया है, फिर तूने हमारे भाग के लिये चिट्ठी डालकर क्यों एक ही अंश दिया है?”यहोशू १७:१४ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Joshua 17:14
- The children of Joseph spoke to Joshua, saying, “Why have you given me just one lot and one part for an inheritance, since we are a numerous people, because the LORD has blessed us so far?”
- ગુજરાતી — યહોશુઆ ૧૭:૧૪
- પછી યૂસફના વંશજોએ યહોશુઆને કહ્યું, “યહોવાહનો આશીર્વાદના કારણે અમે વસ્તીમાં વિશેષ વૃદ્ધિ પામ્યા છીએ. તેમ છતાં તમે અમને વારસામાં ફક્ત એક જ દેશ અને એક જ ભાગ કેમ સોંપ્યો છે?”
संदर्भ में
१२परन्तु मनश्शेई उन नगरों के निवासियों को उनमें से नहीं निकाल सके; इसलिए कनानी उस देश में बसे रहे।
१३तो भी जब इस्राएली सामर्थी हो गए, तब कनानियों से बेगारी तो कराने लगे, परन्तु उनको पूरी रीति से निकाल बाहर न किया।
१४यूसुफ की सन्तान यहोशू से कहने लगी, “हम तो गिनती में बहुत हैं, क्योंकि अब तक यहोवा हमें आशीष ही देता आया है, फिर तूने हमारे भाग के लिये चिट्ठी डालकर क्यों एक ही अंश दिया है?”
१५यहोशू ने उनसे कहा, “यदि तुम गिनती में बहुत हो, और एप्रैम का पहाड़ी देश तुम्हारे लिये छोटा हो, तो परिज्जियों और रपाइयों का देश जो जंगल है उसमें जाकर पेड़ों को काट डालो।”
१६यूसुफ की सन्तान ने कहा, “वह पहाड़ी देश हमारे लिये छोटा है; और बेतशान और उसके नगरों में रहनेवाले, और यिज्रेल की तराई में रहनेवाले, जितने कनानी नीचे के देश में रहते हैं, उन सभी के पास लोहे के रथ हैं।”
