न्यायियों १६:३
परन्तु शिमशोन आधी रात तक पड़ा रहा, और आधी रात को उठकर, उसने नगर के फाटक के दोनों पल्लों और दोनों बाजुओं को पकड़कर बेंड़ों समेत उखाड़ लिया, और अपने कंधों पर रखकर उन्हें उस पहाड़ की चोटी पर ले गया, जो हेब्रोन के सामने है।न्यायियों १६:३ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Judges 16:3
- Samson lay until midnight, then arose at midnight and took hold of the doors of the gate of the city, with the two posts, and plucked them up, bar and all, and put them on his shoulders and carried them up to the top of the mountain that is before Hebron.
- ગુજરાતી — ન્યાયાધીશો ૧૬:૩
- સામસૂન મધરાત સુધી સૂઈ રહ્યો. મધરાતે ઊઠીને તેણે નગરના દરવાજાના કમાડ તથા બન્ને બારસાખો પકડી. ભૂંગળ સહિત તેને ખેંચી કાઢીને તેઓને તેમના ખભા પર મૂકીને હેબ્રોન પર્વતની સામેના શિખર પર લઈ ગયો.
संदर्भ में
१तब शिमशोन गाज़ा को गया, और वहाँ एक वेश्या को देखकर उसके पास गया।
२जब गाज़ावासियों को इसका समाचार मिला कि शिमशोन यहाँ आया है, तब उन्होंने उसको घेर लिया, और रात भर नगर के फाटक पर उसकी घात में लगे रहे; और यह कहकर रात भर चुपचाप रहे, कि भोर होते ही हम उसको घात करेंगे।
३परन्तु शिमशोन आधी रात तक पड़ा रहा, और आधी रात को उठकर, उसने नगर के फाटक के दोनों पल्लों और दोनों बाजुओं को पकड़कर बेंड़ों समेत उखाड़ लिया, और अपने कंधों पर रखकर उन्हें उस पहाड़ की चोटी पर ले गया, जो हेब्रोन के सामने है।
४इसके बाद वह सोरेक नामक घाटी में रहनेवाली दलीला नामक एक स्त्री से प्रीति करने लगा।
५तब पलिश्तियों के सरदारों ने उस स्त्री के पास जा के कहा, “तू उसको फुसलाकर पूछ कि उसके महाबल का भेद क्या है, और कौन सा उपाय करके हम उस पर ऐसे प्रबल हों, कि उसे बाँधकर दबा रखें; तब हम तुझे ग्यारह-ग्यारह सौ टुकड़े चाँदी देंगे।”
