न्यायियों १६:५
तब पलिश्तियों के सरदारों ने उस स्त्री के पास जा के कहा, “तू उसको फुसलाकर पूछ कि उसके महाबल का भेद क्या है, और कौन सा उपाय करके हम उस पर ऐसे प्रबल हों, कि उसे बाँधकर दबा रखें; तब हम तुझे ग्यारह-ग्यारह सौ टुकड़े चाँदी देंगे।”न्यायियों १६:५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Judges 16:5
- The lords of the Philistines came up to her and said to her, “Entice him, and see in which his great strength lies, and by what means we may prevail against him, that we may bind him to afflict him; and we will each give you eleven hundred pieces of silver.”
- ગુજરાતી — ન્યાયાધીશો ૧૬:૫
- પલિસ્તીઓના શાસકોએ તેની પાસે આવીને તેને કહ્યું, “તું સામસૂનને પટાવીને પૂછીલે કે, તેનું મહા બળ શામાં રહેલું છે? કેવી રીતે અમે તેને બાંધીને તેના પર પ્રબળ થઈએ અને તેને હરાવીએ? જો તું આમ કરીશ તો અમારામાંનો પ્રત્યેક જણ તને ચાંદીના અગિયારસો સિક્કા આપશે.”
संदर्भ में
३परन्तु शिमशोन आधी रात तक पड़ा रहा, और आधी रात को उठकर, उसने नगर के फाटक के दोनों पल्लों और दोनों बाजुओं को पकड़कर बेंड़ों समेत उखाड़ लिया, और अपने कंधों पर रखकर उन्हें उस पहाड़ की चोटी पर ले गया, जो हेब्रोन के सामने है।
४इसके बाद वह सोरेक नामक घाटी में रहनेवाली दलीला नामक एक स्त्री से प्रीति करने लगा।
५तब पलिश्तियों के सरदारों ने उस स्त्री के पास जा के कहा, “तू उसको फुसलाकर पूछ कि उसके महाबल का भेद क्या है, और कौन सा उपाय करके हम उस पर ऐसे प्रबल हों, कि उसे बाँधकर दबा रखें; तब हम तुझे ग्यारह-ग्यारह सौ टुकड़े चाँदी देंगे।”
६तब दलीला ने शिमशोन से कहा, “मुझे बता दे कि तेरे बड़े बल का भेद क्या है, और किस रीति से कोई तुझे बाँधकर रख सकता है।”
७शिमशोन ने उससे कहा, “यदि मैं सात ऐसी नई-नई ताँतों से बाँधा जाऊँ जो सुखाई न गई हों, तो मेरा बल घट जाएगा, और मैं साधारण मनुष्य सा हो जाऊँगा।”
