न्यायियों १७:२
उसने अपनी माता से कहा, “जो ग्यारह सौ टुकड़े चाँदी तुझ से ले लिए गए थे, जिनके विषय में तूने मेरे सुनते भी श्राप दिया था, वे मेरे पास हैं; मैंने ही उनको ले लिया था।” उसकी माता ने कहा, “मेरे बेटे पर यहोवा की ओर से आशीष हो।”न्यायियों १७:२ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Judges 17:2
- He said to his mother, “The eleven hundred pieces of silver that were taken from you, about which you uttered a curse, and also spoke it in my ears—behold, the silver is with me. I took it.” His mother said, “May the LORD bless my son!”
- ગુજરાતી — ન્યાયાધીશો ૧૭:૨
- તેણે પોતાની માતાને કહ્યું, “ચાંદીના જે અગિયારસો સિક્કા તારી પાસેથી ચોરી લેવાયા હતા, તેના લીધે તેં શાપ આપ્યો હતો, મેં તે સાભળ્યું હતું! હવે અહીં જો! તે ચાંદીના સિક્કા મારી પાસે છે. મેં લઈ લીધાં હતા.” તેની માતાએ કહ્યું, “મારા દીકરા, ઈશ્વર તને આશીર્વાદ આપો!”
संदर्भ में
१एप्रैम के पहाड़ी देश में मीका नामक एक पुरुष था।
२उसने अपनी माता से कहा, “जो ग्यारह सौ टुकड़े चाँदी तुझ से ले लिए गए थे, जिनके विषय में तूने मेरे सुनते भी श्राप दिया था, वे मेरे पास हैं; मैंने ही उनको ले लिया था।” उसकी माता ने कहा, “मेरे बेटे पर यहोवा की ओर से आशीष हो।”
३जब उसने वे ग्यारह सौ टुकड़े चाँदी अपनी माता को वापस दिए; तब माता ने कहा, “मैं अपनी ओर से अपने बेटे के लिये यह रुपया यहोवा को निश्चय अर्पण करती हूँ ताकि उससे एक मूरत खोदकर, और दूसरी ढालकर बनाई जाए, इसलिए अब मैं उसे तुझको वापस देती हूँ।”
४जब उसने वह रुपया अपनी माता को वापस दिया, तब माता ने दो सौ टुकड़े ढलवैयों को दिए, और उसने उनसे एक मूर्ति खोदकर, और दूसरी ढालकर बनाई; और वे मीका के घर में रहीं।
