न्यायियों ५:३०
‘क्या उन्होंने लूट पाकर बाँट नहीं ली? क्या एक-एक पुरुष को एक-एक वरन् दो-दो कुँवारियाँ; और सीसरा को रंगीले वस्त्र की लूट, वरन् बूटे काढ़े हुए रंगीले वस्त्र की लूट, और लूटे हुओं के गले में दोनों ओर बूटे काढ़े हुए रंगीले वस्त्र नहीं मिले?’न्यायियों ५:३० · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Judges 5:30
- ‘Have they not found, have they not divided the plunder? A lady, two ladies to every man; to Sisera a plunder of dyed garments, a plunder of dyed garments embroidered, of dyed garments embroidered on both sides, on the necks of the plunder?’
- ગુજરાતી — ન્યાયાધીશો ૫:૩૦
- ‘શું તેઓને લૂંટ તો મળી નહિ હોય? શું, તેઓએ તે વહેંચી તો લીધી નહિ હોય? પ્રત્યેક પુરુષના હિસ્સામાં એક કે બે કુંમારિકા મળી હશે; શું, સીસરાને રંગબેરંગી વસ્ત્રનો હિસ્સો તથા રંગબેરંગી ભરતકામનો હિસ્સો, એટલે મારા ગળા ની બન્ને બાજુએ રંગબેરંગી ભરત ભરેલો વસ્ત્રનો હિસ્સો મળ્યો હશે?’
संदर्भ में
२८“खिड़की में से एक स्त्री झाँककर चिल्लाई, सीसरा की माता ने झिलमिली की ओट से पुकारा, ‘उसके रथ के आने में इतनी देर क्यों लगी? उसके रथों के पहियों को देर क्यों हुई है?’
२९उसकी बुद्धिमान प्रतिष्ठित स्त्रियों ने उसे उत्तर दिया, वरन् उसने अपने आपको इस प्रकार उत्तर दिया,
३०‘क्या उन्होंने लूट पाकर बाँट नहीं ली? क्या एक-एक पुरुष को एक-एक वरन् दो-दो कुँवारियाँ; और सीसरा को रंगीले वस्त्र की लूट, वरन् बूटे काढ़े हुए रंगीले वस्त्र की लूट, और लूटे हुओं के गले में दोनों ओर बूटे काढ़े हुए रंगीले वस्त्र नहीं मिले?’
३१“हे यहोवा, “तेरे सब शत्रु ऐसे ही नाश हो जाएँ! परन्तु उसके प्रेमी लोग प्रताप के साथ उदय होते हुए सूर्य के समान तेजोमय हों।” फिर देश में चालीस वर्ष तक शान्ति रही। (प्रका. 1:16)
