न्यायियों ९:११
अंजीर के वृक्ष ने उनसे कहा, ‘क्या मैं अपने मीठेपन और अपने अच्छे-अच्छे फलों को छोड़ वृक्षों का अधिकारी होकर इधर-उधर डोलने को चलूँ?’न्यायियों ९:११ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Judges 9:11
- “But the fig tree said to them, ‘Should I leave my sweetness, and my good fruit, and go to wave back and forth over the trees?’
- ગુજરાતી — ન્યાયાધીશો ૯:૧૧
- પણ અંજીરીના વૃક્ષે તેઓને કહ્યું, ‘મારી મીઠાશ તથા મારાં સારાં ફળ મૂકી દેવા જોઈએ, જેથી બીજાં વૃક્ષો પર પ્રભાવ પાડવા માટે હું શા માટે આવું?’”
संदर्भ में
९तब जैतून के वृक्ष ने कहा, ‘क्या मैं अपनी उस चिकनाहट को छोड़कर, जिससे लोग परमेश्वर और मनुष्य दोनों का आदरमान करते हैं, वृक्षों का अधिकारी होकर इधर-उधर डोलने को चलूँ?’
१०तब वृक्षों ने अंजीर के वृक्ष से कहा, ‘तू आकर हम पर राज्य कर।’
११अंजीर के वृक्ष ने उनसे कहा, ‘क्या मैं अपने मीठेपन और अपने अच्छे-अच्छे फलों को छोड़ वृक्षों का अधिकारी होकर इधर-उधर डोलने को चलूँ?’
१२फिर वृक्षों ने दाखलता से कहा, ‘तू आकर हम पर राज्य कर।’
१३दाखलता ने उनसे कहा, ‘क्या मैं अपने नये मधु को छोड़, जिससे परमेश्वर और मनुष्य दोनों को आनन्द होता है, वृक्षों की अधिकारिणी होकर इधर-उधर डोलने को चलूँ?’
