न्यायियों ९:१३
दाखलता ने उनसे कहा, ‘क्या मैं अपने नये मधु को छोड़, जिससे परमेश्वर और मनुष्य दोनों को आनन्द होता है, वृक्षों की अधिकारिणी होकर इधर-उधर डोलने को चलूँ?’न्यायियों ९:१३ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Judges 9:13
- “The vine said to them, ‘Should I leave my new wine, which cheers God and man, and go to wave back and forth over the trees?’
- ગુજરાતી — ન્યાયાધીશો ૯:૧૩
- દ્રાક્ષાવેલાએ તેઓને કહ્યું, ‘શું મારે મારો નવો દ્રાક્ષારસ જે ઈશ્વરને તથા માણસને આનંદિત કરે છે તે મૂકીને, બીજાં વૃક્ષો પર પ્રભાવ પાડવા માટે શા માટે જવું જોઈએ?’
संदर्भ में
११अंजीर के वृक्ष ने उनसे कहा, ‘क्या मैं अपने मीठेपन और अपने अच्छे-अच्छे फलों को छोड़ वृक्षों का अधिकारी होकर इधर-उधर डोलने को चलूँ?’
१२फिर वृक्षों ने दाखलता से कहा, ‘तू आकर हम पर राज्य कर।’
१३दाखलता ने उनसे कहा, ‘क्या मैं अपने नये मधु को छोड़, जिससे परमेश्वर और मनुष्य दोनों को आनन्द होता है, वृक्षों की अधिकारिणी होकर इधर-उधर डोलने को चलूँ?’
१४तब सब वृक्षों ने झड़बेरी से कहा, ‘तू आकर हम पर राज्य कर।’
१५झड़बेरी ने उन वृक्षों से कहा, ‘यदि तुम अपने ऊपर राजा होने को मेरा अभिषेक सच्चाई से करते हो, तो आकर मेरी छाया में शरण लो; और नहीं तो, झड़बेरी से आग निकलेगी जिससे लबानोन के देवदार भी भस्म हो जाएँगे।’
