लैव्यव्यवस्था १३:४५
“जिसमें वह व्याधि हो उस कोढ़ी के वस्त्र फटे और सिर के बाल बिखरे रहें, और वह अपने ऊपरवाले होंठ को ढाँपे हुए अशुद्ध, अशुद्ध पुकारा करे ।लैव्यव्यवस्था १३:४५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Leviticus 13:45
- “The leper in whom the plague is shall wear torn clothes, and the hair of his head shall hang loose. He shall cover his upper lip, and shall cry, ‘Unclean! Unclean!’
- ગુજરાતી — લેવી ૧૩:૪૫
- જે વ્યક્તિને કુષ્ટરોગ થયો હોય તેણે પોતાના વસ્ત્રો ફાડવાં, પોતાના વાળ વિખેરાયેલા રહેવા દેવા અને ઉપરના હોઠ સુધીનો ભાગ ઢાંકી દેવો અને બૂમો પાડવી, ‘અશુદ્ધ, અશુદ્ધ.’
संदर्भ में
४३इसलिए याजक उसको देखे, और यदि व्याधि की सूजन उसके चन्दुले सिर या चन्दुले माथे पर ऐसी लाली लिये हुए उजली हो जैसा चर्म के कोढ़ में होता है,
४४तो वह मनुष्य कोढ़ी है और अशुद्ध है; और याजक उसको अवश्य अशुद्ध ठहराए; क्योंकि वह व्याधि उसके सिर पर है।
४५“जिसमें वह व्याधि हो उस कोढ़ी के वस्त्र फटे और सिर के बाल बिखरे रहें, और वह अपने ऊपरवाले होंठ को ढाँपे हुए अशुद्ध, अशुद्ध पुकारा करे ।
४६जितने दिन तक वह व्याधि उसमें रहे उतने दिन तक वह तो अशुद्ध रहेगा; और वह अशुद्ध ठहरा रहे; इसलिए वह अकेला रहा करे, उसका निवास-स्थान छावनी के बाहर हो। (लूका 17:12)
४७“फिर जिस वस्त्र में कोढ़ की व्याधि हो, चाहे वह वस्त्र ऊन का हो चाहे सनी का,
