लैव्यव्यवस्था १३:४६
जितने दिन तक वह व्याधि उसमें रहे उतने दिन तक वह तो अशुद्ध रहेगा; और वह अशुद्ध ठहरा रहे; इसलिए वह अकेला रहा करे, उसका निवास-स्थान छावनी के बाहर हो। (लूका 17:12)लैव्यव्यवस्था १३:४६ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Leviticus 13:46
- All the days in which the plague is in him he shall be unclean. He is unclean. He shall dwell alone. His dwelling shall be outside of the camp.
- ગુજરાતી — લેવી ૧૩:૪૬
- જેટલા દિવસો સુધી તે વ્યક્તિમાં રોગ રહે તેટલાં દિવસો સુધી તે અશુદ્ધ ગણાય. કેમ કે તે અશુદ્ધ છે, તે એકલો રહે. છાવણીની બહાર તેનું રહેઠાણ થાય.
संदर्भ में
४४तो वह मनुष्य कोढ़ी है और अशुद्ध है; और याजक उसको अवश्य अशुद्ध ठहराए; क्योंकि वह व्याधि उसके सिर पर है।
४५“जिसमें वह व्याधि हो उस कोढ़ी के वस्त्र फटे और सिर के बाल बिखरे रहें, और वह अपने ऊपरवाले होंठ को ढाँपे हुए अशुद्ध, अशुद्ध पुकारा करे ।
४६जितने दिन तक वह व्याधि उसमें रहे उतने दिन तक वह तो अशुद्ध रहेगा; और वह अशुद्ध ठहरा रहे; इसलिए वह अकेला रहा करे, उसका निवास-स्थान छावनी के बाहर हो। (लूका 17:12)
४७“फिर जिस वस्त्र में कोढ़ की व्याधि हो, चाहे वह वस्त्र ऊन का हो चाहे सनी का,
४८वह व्याधि चाहे उस सनी या ऊन के वस्त्र के ताने में हो चाहे बाने में, या वह व्याधि चमड़े में या चमड़े की बनी हुई किसी वस्तु में हो,
