लैव्यव्यवस्था १७:१४
क्योंकि शरीर का प्राण जो है वह उसका लहू ही है जो उसके प्राण के साथ एक है; इसलिए मैं इस्राएलियों से कहता हूँ कि किसी प्रकार के प्राणी के लहू को तुम न खाना, क्योंकि सब प्राणियों का प्राण उनका लहू ही है; जो कोई उसको खाए वह नष्ट किया जाएगा। (प्रेरि. 15:20-29)लैव्यव्यवस्था १७:१४ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Leviticus 17:14
- For as to the life of all flesh, its blood is with its life. Therefore I said to the children of Israel, “You shall not eat the blood of any kind of flesh; for the life of all flesh is its blood. Whoever eats it shall be cut off.”
- ગુજરાતી — લેવી ૧૭:૧૪
- કેમ કે સર્વ દેહધારીઓના જીવ વિષે એવું જાણવું કે રક્તમાં તેઓનો જીવ છે, તેથી જ મેં ઇઝરાયલના લોકોને કહ્યું છે કે, “તમારે કોઈપણ દેહધારીનું રક્ત પીવું નહિ, કેમ કે સર્વ દેહધારીઓનો જીવ તેઓના રક્તમાં છે. જે કોઈ તે ખાય તે અલગ કરાય.”
संदर्भ में
१२इस कारण मैं इस्राएलियों से कहता हूँ कि तुम में से कोई प्राणी लहू न खाए, और जो परदेशी तुम्हारे बीच रहता हो वह भी लहू कभी न खाए।”
१३“इस्राएलियों में से या उनके बीच रहनेवाले परदेशियों में से, कोई मनुष्य क्यों न हो, जो शिकार करके खाने के योग्य पशु या पक्षी को पकड़े, वह उसके लहू को उण्डेलकर धूलि से ढाँप दे।
१४क्योंकि शरीर का प्राण जो है वह उसका लहू ही है जो उसके प्राण के साथ एक है; इसलिए मैं इस्राएलियों से कहता हूँ कि किसी प्रकार के प्राणी के लहू को तुम न खाना, क्योंकि सब प्राणियों का प्राण उनका लहू ही है; जो कोई उसको खाए वह नष्ट किया जाएगा। (प्रेरि. 15:20-29)
१५और चाहे वह देशी हो या परदेशी हो, जो कोई किसी लोथ या फाड़े हुए पशु का माँस खाए वह अपने वस्त्रों को धोकर जल से स्नान करे, और साँझ तक अशुद्ध रहे; तब वह शुद्ध होगा।
१६परन्तु यदि वह उनको न धोए और न स्नान करे, तो उसको अपने अधर्म का भार स्वयं उठाना पड़ेगा।”
