लैव्यव्यवस्था १७:१५
और चाहे वह देशी हो या परदेशी हो, जो कोई किसी लोथ या फाड़े हुए पशु का माँस खाए वह अपने वस्त्रों को धोकर जल से स्नान करे, और साँझ तक अशुद्ध रहे; तब वह शुद्ध होगा।लैव्यव्यवस्था १७:१५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Leviticus 17:15
- “‘Every person that eats what dies of itself, or that which is torn by animals, whether he is native-born or a foreigner, shall wash his clothes, and bathe himself in water, and be unclean until the evening. Then he shall be clean.
- ગુજરાતી — લેવી ૧૭:૧૫
- દરેક વ્યક્તિ દેશનાં વતનીઓ કે પરદેશી કુદરતી રીતે મૃત્યુ પામેલુ અથવા જંગલી પશુઓએ ફાડી નાખેલું પશુ ખાય તો તેણે પોતાના વસ્ત્રો ધોઈ નાખવા, પાણીથી સ્નાન કરવું અને સાંજ સુધી તે અશુદ્ધ ગણાય. ત્યારપછી તે શુદ્ધ ગણાય.
संदर्भ में
१३“इस्राएलियों में से या उनके बीच रहनेवाले परदेशियों में से, कोई मनुष्य क्यों न हो, जो शिकार करके खाने के योग्य पशु या पक्षी को पकड़े, वह उसके लहू को उण्डेलकर धूलि से ढाँप दे।
१४क्योंकि शरीर का प्राण जो है वह उसका लहू ही है जो उसके प्राण के साथ एक है; इसलिए मैं इस्राएलियों से कहता हूँ कि किसी प्रकार के प्राणी के लहू को तुम न खाना, क्योंकि सब प्राणियों का प्राण उनका लहू ही है; जो कोई उसको खाए वह नष्ट किया जाएगा। (प्रेरि. 15:20-29)
१५और चाहे वह देशी हो या परदेशी हो, जो कोई किसी लोथ या फाड़े हुए पशु का माँस खाए वह अपने वस्त्रों को धोकर जल से स्नान करे, और साँझ तक अशुद्ध रहे; तब वह शुद्ध होगा।
१६परन्तु यदि वह उनको न धोए और न स्नान करे, तो उसको अपने अधर्म का भार स्वयं उठाना पड़ेगा।”
