लूका ६:३४
और यदि तुम उसे उधार दो, जिनसे फिर पाने की आशा रखते हो, तो तुम्हारी क्या बड़ाई? क्योंकि पापी पापियों को उधार देते हैं, कि उतना ही फिर पाएँ।लूका ६:३४ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Luke 6:34
- If you lend to those from whom you hope to receive, what credit is that to you? Even sinners lend to sinners, to receive back as much.
- ગુજરાતી — લૂક ૬:૩૪
- જેની પાસેથી તમે પાછું મેળવાની અપેક્ષા રાખો છો, તેઓને જ તમે ઉછીનું આપો, તો તમારી મહેરબાની શાની? કેમ કે પૂરેપૂરું પાછું મળવાનું હોય તો પાપીઓ પણ પાપીઓને ઉછીનું આપે છે.
संदर्भ में
३२“यदि तुम अपने प्रेम रखनेवालों के साथ प्रेम रखो, तो तुम्हारी क्या बड़ाई? क्योंकि पापी भी अपने प्रेम रखनेवालों के साथ प्रेम रखते हैं।
३३और यदि तुम अपने भलाई करनेवालों ही के साथ भलाई करते हो, तो तुम्हारी क्या बड़ाई? क्योंकि पापी भी ऐसा ही करते हैं।
३४और यदि तुम उसे उधार दो, जिनसे फिर पाने की आशा रखते हो, तो तुम्हारी क्या बड़ाई? क्योंकि पापी पापियों को उधार देते हैं, कि उतना ही फिर पाएँ।
३५वरन् अपने शत्रुओं से प्रेम रखो, और भलाई करो, और फिर पाने की आस न रखकर उधार दो; और तुम्हारे लिये बड़ा फल होगा; और तुम परमप्रधान के सन्तान ठहरोगे, क्योंकि वह उन पर जो धन्यवाद नहीं करते और बुरों पर भी कृपालु है। (लैव्य. 25:35,36, मत्ती 5:44,45)
३६जैसा तुम्हारा पिता दयावन्त है, वैसे ही तुम भी दयावन्त बनो।
