लूका ६:३५
वरन् अपने शत्रुओं से प्रेम रखो, और भलाई करो, और फिर पाने की आस न रखकर उधार दो; और तुम्हारे लिये बड़ा फल होगा; और तुम परमप्रधान के सन्तान ठहरोगे, क्योंकि वह उन पर जो धन्यवाद नहीं करते और बुरों पर भी कृपालु है। (लैव्य. 25:35,36, मत्ती 5:44,45)लूका ६:३५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Luke 6:35
- But love your enemies, and do good, and lend, expecting nothing back; and your reward will be great, and you will be children of the Most High; for he is kind toward the unthankful and evil.
- ગુજરાતી — લૂક ૬:૩૫
- પણ તમે તમારા શત્રુઓ પર પ્રેમ રાખો, અને તેઓનું સારું કરો, પાછું મળવાની ઇચ્છા રાખ્યા વગર ઉછીનું આપો; અને તમને મોટો બદલો મળશે અને તમે પરાત્પરના દીકરા થશો; કેમ કે અનુપકારીઓ તથા પાપીઓ પર તેઓ માયાળુ છે.
संदर्भ में
३३और यदि तुम अपने भलाई करनेवालों ही के साथ भलाई करते हो, तो तुम्हारी क्या बड़ाई? क्योंकि पापी भी ऐसा ही करते हैं।
३४और यदि तुम उसे उधार दो, जिनसे फिर पाने की आशा रखते हो, तो तुम्हारी क्या बड़ाई? क्योंकि पापी पापियों को उधार देते हैं, कि उतना ही फिर पाएँ।
३५वरन् अपने शत्रुओं से प्रेम रखो, और भलाई करो, और फिर पाने की आस न रखकर उधार दो; और तुम्हारे लिये बड़ा फल होगा; और तुम परमप्रधान के सन्तान ठहरोगे, क्योंकि वह उन पर जो धन्यवाद नहीं करते और बुरों पर भी कृपालु है। (लैव्य. 25:35,36, मत्ती 5:44,45)
३६जैसा तुम्हारा पिता दयावन्त है, वैसे ही तुम भी दयावन्त बनो।
३७“दोष मत लगाओ; तो तुम पर भी दोष नहीं लगाया जाएगा: दोषी न ठहराओ, तो तुम भी दोषी नहीं ठहराए जाओगे: क्षमा करो, तो तुम्हें भी क्षमा किया जाएगा।
