नीतिवचन २७:१८
जो अंजीर के पेड़ की रक्षा करता है वह उसका फल खाता है, इसी रीति से जो अपने स्वामी की सेवा करता उसकी महिमा होती है।नीतिवचन २७:१८ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Proverbs 27:18
- Whoever tends the fig tree shall eat its fruit. He who looks after his master shall be honored.
- ગુજરાતી — નીતિવચનો ૨૭:૧૮
- જે કોઈ અંજીરી સાચવે છે તે અંજીર ખાશે અને જે પોતાના માલિકની કાળજી રાખે છે તે માન પામે છે.
संदर्भ में
१६जो उसको रोक रखे, वह वायु को भी रोक रखेगा और दाहिने हाथ से वह तेल पकड़ेगा।
१७जैसे लोहा लोहे को चमका देता है, वैसे ही मनुष्य का मुख अपने मित्र की संगति से चमकदार हो जाता है।
१८जो अंजीर के पेड़ की रक्षा करता है वह उसका फल खाता है, इसी रीति से जो अपने स्वामी की सेवा करता उसकी महिमा होती है।
१९जैसे जल में मुख की परछाई मुख को प्रगट करती है, वैसे ही मनुष्य का मन मनुष्य को प्रगट करती है।
२०जैसे अधोलोक और विनाशलोक, वैसे ही मनुष्य की आँखें भी तृप्त नहीं होती।
