नीतिवचन २७:२०
जैसे अधोलोक और विनाशलोक, वैसे ही मनुष्य की आँखें भी तृप्त नहीं होती।नीतिवचन २७:२० · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Proverbs 27:20
- Sheol and Abaddon are never satisfied; and a man’s eyes are never satisfied.
- ગુજરાતી — નીતિવચનો ૨૭:૨૦
- જેમ શેઓલ અને વિનાશ કદી તૃપ્ત થતાં નથી; તે જ રીતે માણસની આંખો કદી તૃપ્ત થતી નથી.
संदर्भ में
१८जो अंजीर के पेड़ की रक्षा करता है वह उसका फल खाता है, इसी रीति से जो अपने स्वामी की सेवा करता उसकी महिमा होती है।
१९जैसे जल में मुख की परछाई मुख को प्रगट करती है, वैसे ही मनुष्य का मन मनुष्य को प्रगट करती है।
२०जैसे अधोलोक और विनाशलोक, वैसे ही मनुष्य की आँखें भी तृप्त नहीं होती।
२१जैसे चाँदी के लिये कुठाली और सोने के लिये भट्ठी हैं, वैसे ही मनुष्य के लिये उसकी प्रशंसा है।
२२चाहे तू मूर्ख को अनाज के बीच ओखली में डालकर मूसल से कूटे, तो भी उसकी मूर्खता नहीं जाने की।
