नीतिवचन ३०:१५
जैसे जोंक की दो बेटियाँ होती हैं, जो कहती हैं, “दे, दे,” वैसे ही तीन वस्तुएँ हैं, जो तृप्त नहीं होतीं; वरन् चार हैं, जो कभी नहीं कहती, “बस।”नीतिवचन ३०:१५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Proverbs 30:15
- “The leech has two daughters: ‘Give, give.’ “There are three things that are never satisfied; four that don’t say, ‘Enough!’:
- ગુજરાતી — નીતિવચનો ૩૦:૧૫
- જળોને બે દીકરીઓ છે, તેઓ પોકારીને કહે છે, “આપો અને આપો.” કદી તૃપ્ત થતાં નથી એવી ત્રણ બાબતો છે, “બસ,” એમ ન કહેનાર એવી ચાર બાબતો છે.
संदर्भ में
१३एक पीढ़ी के लोग ऐसे हैं उनकी दृष्टि क्या ही घमण्ड से भरी रहती है, और उनकी आँखें कैसी चढ़ी हुई रहती हैं।
१४एक पीढ़ी के लोग ऐसे हैं, जिनके दाँत तलवार और उनकी दाढ़ें छुरियाँ हैं, जिनसे वे दीन लोगों को पृथ्वी पर से, और दरिद्रों को मनुष्यों में से मिटा डालें।
१५जैसे जोंक की दो बेटियाँ होती हैं, जो कहती हैं, “दे, दे,” वैसे ही तीन वस्तुएँ हैं, जो तृप्त नहीं होतीं; वरन् चार हैं, जो कभी नहीं कहती, “बस।”
१६अधोलोक और बाँझ की कोख, भूमि जो जल पी पीकर तृप्त नहीं होती, और आग जो कभी नहीं कहती, ‘बस।’
१७जिस आँख से कोई अपने पिता पर अनादर की दृष्टि करे, और अपमान के साथ अपनी माता की आज्ञा न माने, उस आँख को तराई के कौवे खोद खोदकर निकालेंगे, और उकाब के बच्चे खा डालेंगे।
