नीतिवचन ३०:१६
अधोलोक और बाँझ की कोख, भूमि जो जल पी पीकर तृप्त नहीं होती, और आग जो कभी नहीं कहती, ‘बस।’नीतिवचन ३०:१६ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Proverbs 30:16
- Sheol, the barren womb, the earth that is not satisfied with water, and the fire that doesn’t say, ‘Enough!’
- ગુજરાતી — નીતિવચનો ૩૦:૧૬
- એટલે શેઓલ; નિઃસંતાન મહિલાનું ગર્ભસ્થાન; પાણીથી તૃપ્ત નહિ થતી જમીન; અને કદી “બસ” ના કહેનાર અગ્નિ.
संदर्भ में
१४एक पीढ़ी के लोग ऐसे हैं, जिनके दाँत तलवार और उनकी दाढ़ें छुरियाँ हैं, जिनसे वे दीन लोगों को पृथ्वी पर से, और दरिद्रों को मनुष्यों में से मिटा डालें।
१५जैसे जोंक की दो बेटियाँ होती हैं, जो कहती हैं, “दे, दे,” वैसे ही तीन वस्तुएँ हैं, जो तृप्त नहीं होतीं; वरन् चार हैं, जो कभी नहीं कहती, “बस।”
१६अधोलोक और बाँझ की कोख, भूमि जो जल पी पीकर तृप्त नहीं होती, और आग जो कभी नहीं कहती, ‘बस।’
१७जिस आँख से कोई अपने पिता पर अनादर की दृष्टि करे, और अपमान के साथ अपनी माता की आज्ञा न माने, उस आँख को तराई के कौवे खोद खोदकर निकालेंगे, और उकाब के बच्चे खा डालेंगे।
१८तीन बातें मेरे लिये अधिक कठिन है, वरन् चार हैं, जो मेरी समझ से परे हैं
