नीतिवचन ३०:२
निश्चय मैं पशु सरीखा हूँ, वरन् मनुष्य कहलाने के योग्य भी नहीं; और मनुष्य की समझ मुझ में नहीं है।नीतिवचन ३०:२ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Proverbs 30:2
- “Surely I am the most ignorant man, and don’t have a man’s understanding.
- ગુજરાતી — નીતિવચનો ૩૦:૨
- નિશ્ચે હું કોઈ પણ માણસ કરતાં અધિક પશુવત છું અને મારામાં માણસ જેવી બુદ્ધિ નથી.
संदर्भ में
१याके के पुत्र आगूर के प्रभावशाली वचन। उस पुरुष ने ईतीएल और उक्काल से यह कहा:
२निश्चय मैं पशु सरीखा हूँ, वरन् मनुष्य कहलाने के योग्य भी नहीं; और मनुष्य की समझ मुझ में नहीं है।
३न मैंने बुद्धि प्राप्त की है, और न परमपवित्र का ज्ञान मुझे मिला है।
४कौन स्वर्ग में चढ़कर फिर उतर आया? किसने वायु को अपनी मुट्ठी में बटोर रखा है? किसने महासागर को अपने वस्त्र में बाँध लिया है? किसने पृथ्वी की सीमाओं को ठहराया है? उसका नाम क्या है? और उसके पुत्र का नाम क्या है? यदि तू जानता हो तो बता! (यूह. 3:13)
