नीतिवचन ३०:४
कौन स्वर्ग में चढ़कर फिर उतर आया? किसने वायु को अपनी मुट्ठी में बटोर रखा है? किसने महासागर को अपने वस्त्र में बाँध लिया है? किसने पृथ्वी की सीमाओं को ठहराया है? उसका नाम क्या है? और उसके पुत्र का नाम क्या है? यदि तू जानता हो तो बता! (यूह. 3:13)नीतिवचन ३०:४ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Proverbs 30:4
- Who has ascended up into heaven, and descended? Who has gathered the wind in his fists? Who has bound the waters in his garment? Who has established all the ends of the earth? What is his name, and what is his son’s name, if you know?
- ગુજરાતી — નીતિવચનો ૩૦:૪
- આકાશમાં કોણ ચઢ્યો છે અને પાછો નીચે ઊતર્યો છે? કોણે હવાને પોતાની મુઠ્ઠીમાં બાંધી રાખી છે? કોણે પોતાનાં વસ્ત્રમાં પાણી બાંધી લીધાં છે? પૃથ્વીની સર્વ સીમાઓ કોણે સ્થાપી છે? જો તું ખરેખર જાણતો હોય, તો કહે તેનું નામ શું છે? અને તેના દીકરાનું નામ શું છે?
संदर्भ में
२निश्चय मैं पशु सरीखा हूँ, वरन् मनुष्य कहलाने के योग्य भी नहीं; और मनुष्य की समझ मुझ में नहीं है।
३न मैंने बुद्धि प्राप्त की है, और न परमपवित्र का ज्ञान मुझे मिला है।
४कौन स्वर्ग में चढ़कर फिर उतर आया? किसने वायु को अपनी मुट्ठी में बटोर रखा है? किसने महासागर को अपने वस्त्र में बाँध लिया है? किसने पृथ्वी की सीमाओं को ठहराया है? उसका नाम क्या है? और उसके पुत्र का नाम क्या है? यदि तू जानता हो तो बता! (यूह. 3:13)
५परमेश्वर का एक-एक वचन ताया हुआ है; वह अपने शरणागतों की ढाल ठहरा है।
६उसके वचनों में कुछ मत बढ़ा, ऐसा न हो कि वह तुझे डाँटे और तू झूठा ठहरे।
