भजन संहिता १२०:५
हाय, हाय, क्योंकि मुझे मेशेक में परदेशी होकर रहना पड़ा और केदार के तम्बुओं में बसना पड़ा है!भजन संहिता १२०:५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Psalms 120:5
- Woe is me, that I live in Meshech, that I dwell among the tents of Kedar!
- ગુજરાતી — ગીતશાસ્ત્ર ૧૨૦:૫
- મને અફસોસ છે કે હું મેશેખમાં રહું છું; અગાઉ હું કેદારના તંબુઓ મધ્યે રહેતો હતો.
संदर्भ में
३हे छली जीभ, तुझको क्या मिले? और तेरे साथ और क्या अधिक किया जाए?
४वीर के नोकीले तीर और झाऊ के अंगारे!
५हाय, हाय, क्योंकि मुझे मेशेक में परदेशी होकर रहना पड़ा और केदार के तम्बुओं में बसना पड़ा है!
६बहुत समय से मुझ को मेल के बैरियों के साथ बसना पड़ा है।
७मैं तो मेल चाहता हूँ; परन्तु मेरे बोलते ही, वे लड़ना चाहते हैं!
