भजन संहिता १३:२
मैं कब तक अपने मन ही मन में युक्तियाँ करता रहूँ, और दिन भर अपने हृदय में दुःखित रहा करूँ ?, कब तक मेरा शत्रु मुझ पर प्रबल रहेगा?भजन संहिता १३:२ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Psalms 13:2
- How long shall I take counsel in my soul, having sorrow in my heart every day? How long shall my enemy triumph over me?
- ગુજરાતી — ગીતશાસ્ત્ર ૧૩:૨
- આખો દિવસ મારા હૃદયમાં શોકાતુર થઈને ક્યાં સુધી મારા જીવની સાથે હું તર્કવિતર્ક કર્યા કરીશ? ક્યાં સુધી મારા શત્રુઓ મારા પર ચઢી વાગશે?
संदर्भ में
१हे परमेश्वर, तू कब तक? क्या सदैव मुझे भूला रहेगा? तू कब तक अपना मुखड़ा मुझसे छिपाए रखेगा?
२मैं कब तक अपने मन ही मन में युक्तियाँ करता रहूँ, और दिन भर अपने हृदय में दुःखित रहा करूँ ?, कब तक मेरा शत्रु मुझ पर प्रबल रहेगा?
३हे मेरे परमेश्वर यहोवा, मेरी ओर ध्यान दे और मुझे उत्तर दे, मेरी आँखों में ज्योति आने दे , नहीं तो मुझे मृत्यु की नींद आ जाएगी;
४ऐसा न हो कि मेरा शत्रु कहे, “मैं उस पर प्रबल हो गया;” और ऐसा न हो कि जब मैं डगमगाने लगूँ तो मेरे शत्रु मगन हों।
