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Methodist Church Nadiad
क्योंकि रात-दिन मैं तेरे हाथ के नीचे दबा रहा; और मेरी तरावट धूपकाल की सी झुर्राहट बनती गई। (सेला)

भजन संहिता ३२:४ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishPsalms 32:4
For day and night your hand was heavy on me. My strength was sapped in the heat of summer. Selah.
ગુજરાતીગીતશાસ્ત્ર ૩૨:૪
કેમ કે રાતદિવસ તમારો હાથ મારા પર ભારે હતો. જેમ ઉનાળાંની ગરમીમાં જળ સુકાઈ જાય છે, તેમ મારી શક્તિ હણાઈ ગઈ હતી. સેલાહ

संदर्भ में

क्या ही धन्य है वह मनुष्य जिसके अधर्म का यहोवा लेखा न ले, और जिसकी आत्मा में कपट न हो। (रोम. 4:8)

जब मैं चुप रहा तब दिन भर कराहते-कराहते मेरी हड्डियाँ पिघल गई।

क्योंकि रात-दिन मैं तेरे हाथ के नीचे दबा रहा; और मेरी तरावट धूपकाल की सी झुर्राहट बनती गई। (सेला)

जब मैंने अपना पाप तुझ पर प्रगट किया और अपना अधर्म न छिपाया, और कहा, “मैं यहोवा के सामने अपने अपराधों को मान लूँगा;” तब तूने मेरे अधर्म और पाप को क्षमा कर दिया। (सेला) (1 यूह. 1:9)

इस कारण हर एक भक्त तुझ से ऐसे समय में प्रार्थना करे जबकि तू मिल सकता है । निश्चय जब जल की बड़ी बाढ़ आए तो भी उस भक्त के पास न पहुँचेगी।

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