भजन संहिता ४६:३
चाहे समुद्र गरजें और फेन उठाए, और पहाड़ उसकी बाढ़ से काँप उठे। (सेला) (लूका 21:25, मत्ती 7:25)भजन संहिता ४६:३ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Psalms 46:3
- though its waters roar and are troubled, though the mountains tremble with their swelling. Selah.
- ગુજરાતી — ગીતશાસ્ત્ર ૪૬:૩
- જો તેનું પાણી ગર્જના કરે તથા વલોવાય જો તેના ઊછળવાથી પર્વતો કાંપી ઊઠે, તોપણ આપણે બીહીએ નહિ. સેલાહ.
संदर्भ में
१परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, संकट में अति सहज से मिलनेवाला सहायक ।
२इस कारण हमको कोई भय नहीं चाहे पृथ्वी उलट जाए, और पहाड़ समुद्र के बीच में डाल दिए जाएँ;
३चाहे समुद्र गरजें और फेन उठाए, और पहाड़ उसकी बाढ़ से काँप उठे। (सेला) (लूका 21:25, मत्ती 7:25)
४एक नदी है जिसकी नहरों से परमेश्वर के नगर में अर्थात् परमप्रधान के पवित्र निवास भवन में आनन्द होता है।
५परमेश्वर उस नगर के बीच में है, वह कभी टलने का नहीं; पौ फटते ही परमेश्वर उसकी सहायता करता है।
