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Methodist Church Nadiad
एक नदी है जिसकी नहरों से परमेश्वर के नगर में अर्थात् परमप्रधान के पवित्र निवास भवन में आनन्द होता है।

भजन संहिता ४६:४ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishPsalms 46:4
There is a river, the streams of which make the city of God glad, the holy place of the tents of the Most High.
ગુજરાતીગીતશાસ્ત્ર ૪૬:૪
ત્યાં એક નદી છે જેના ઝરણાંઓ ઈશ્વરના નગરને એટલે પરાત્પરના મંડપના પવિત્રસ્થાનને આનંદમય કરે છે.

संदर्भ में

इस कारण हमको कोई भय नहीं चाहे पृथ्वी उलट जाए, और पहाड़ समुद्र के बीच में डाल दिए जाएँ;

चाहे समुद्र गरजें और फेन उठाए, और पहाड़ उसकी बाढ़ से काँप उठे। (सेला) (लूका 21:25, मत्ती 7:25)

एक नदी है जिसकी नहरों से परमेश्वर के नगर में अर्थात् परमप्रधान के पवित्र निवास भवन में आनन्द होता है।

परमेश्वर उस नगर के बीच में है, वह कभी टलने का नहीं; पौ फटते ही परमेश्वर उसकी सहायता करता है।

जाति-जाति के लोग झल्ला उठे, राज्य-राज्य के लोग डगमगाने लगे; वह बोल उठा, और पृथ्वी पिघल गई। (प्रका. 11:18, भज. 2:1)

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