भजन संहिता ४६:४
एक नदी है जिसकी नहरों से परमेश्वर के नगर में अर्थात् परमप्रधान के पवित्र निवास भवन में आनन्द होता है।भजन संहिता ४६:४ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Psalms 46:4
- There is a river, the streams of which make the city of God glad, the holy place of the tents of the Most High.
- ગુજરાતી — ગીતશાસ્ત્ર ૪૬:૪
- ત્યાં એક નદી છે જેના ઝરણાંઓ ઈશ્વરના નગરને એટલે પરાત્પરના મંડપના પવિત્રસ્થાનને આનંદમય કરે છે.
संदर्भ में
२इस कारण हमको कोई भय नहीं चाहे पृथ्वी उलट जाए, और पहाड़ समुद्र के बीच में डाल दिए जाएँ;
३चाहे समुद्र गरजें और फेन उठाए, और पहाड़ उसकी बाढ़ से काँप उठे। (सेला) (लूका 21:25, मत्ती 7:25)
४एक नदी है जिसकी नहरों से परमेश्वर के नगर में अर्थात् परमप्रधान के पवित्र निवास भवन में आनन्द होता है।
५परमेश्वर उस नगर के बीच में है, वह कभी टलने का नहीं; पौ फटते ही परमेश्वर उसकी सहायता करता है।
६जाति-जाति के लोग झल्ला उठे, राज्य-राज्य के लोग डगमगाने लगे; वह बोल उठा, और पृथ्वी पिघल गई। (प्रका. 11:18, भज. 2:1)
