भजन संहिता ५२:४
हे छली जीभ, तू सब विनाश करनेवाली बातों से प्रसन्न रहती है।भजन संहिता ५२:४ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Psalms 52:4
- You love all devouring words, you deceitful tongue.
- ગુજરાતી — ગીતશાસ્ત્ર ૫૨:૪
- અરે કપટી જીભ, તું સર્વ વિનાશકારી વાતો ચાહે છે.
संदर्भ में
२तेरी जीभ केवल दुष्टता गढ़ती है ; सान धरे हुए उस्तरे के समान वह छल का काम करती है।
३तू भलाई से बढ़कर बुराई में, और धार्मिकता की बात से बढ़कर झूठ से प्रीति रखता है। (सेला)
४हे छली जीभ, तू सब विनाश करनेवाली बातों से प्रसन्न रहती है।
५निश्चय परमेश्वर तुझे सदा के लिये नाश कर देगा; वह तुझे पकड़कर तेरे डेरे से निकाल देगा; और जीवितों के लोक से तुझे उखाड़ डालेगा। (सेला)
६तब धर्मी लोग इस घटना को देखकर डर जाएँगे, और यह कहकर उस पर हँसेंगे,
