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Methodist Church Nadiad

भजन संहिता ५५:१०

रात-दिन वे उसकी शहरपनाह पर चढ़कर चारों ओर घूमते हैं; और उसके भीतर दुष्टता और उत्पात होता है।

भजन संहिता ५५:१० · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishPsalms 55:10
Day and night they prowl around on its walls. Malice and abuse are also within her.
ગુજરાતીગીતશાસ્ત્ર ૫૫:૧૦
તેઓ રાતદિવસ તેના કોટ પર આંટા મારે છે; અને તેની મધ્યે દુષ્ટતા તથા હાનિ ચાલુ રહી છે.

संदर्भ में

मैं प्रचण्ड बयार और आँधी के झोंके से बचकर किसी शरणस्थान में भाग जाता।”

हे प्रभु, उनका सत्यानाश कर, और उनकी भाषा में गड़बड़ी डाल दे; क्योंकि मैंने नगर में उपद्रव और झगड़ा देखा है।

१०रात-दिन वे उसकी शहरपनाह पर चढ़कर चारों ओर घूमते हैं; और उसके भीतर दुष्टता और उत्पात होता है।

११उसके भीतर दुष्टता ने बसेरा डाला है; और अत्याचार और छल उसके चौक से दूर नहीं होते।

१२जो मेरी नामधराई करता है वह शत्रु नहीं था, नहीं तो मैं उसको सह लेता; जो मेरे विरुद्ध बड़ाई मारता है वह मेरा बैरी नहीं है, नहीं तो मैं उससे छिप जाता।

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