भजन संहिता ५५:१२
जो मेरी नामधराई करता है वह शत्रु नहीं था, नहीं तो मैं उसको सह लेता; जो मेरे विरुद्ध बड़ाई मारता है वह मेरा बैरी नहीं है, नहीं तो मैं उससे छिप जाता।भजन संहिता ५५:१२ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Psalms 55:12
- For it was not an enemy who insulted me, then I could have endured it. Neither was it he who hated me who raised himself up against me, then I would have hidden myself from him.
- ગુજરાતી — ગીતશાસ્ત્ર ૫૫:૧૨
- કેમ કે મને જે ઠપકો આપનારો હતો તે મારો શત્રુ ન હતો, એ તો મારાથી સહન કરી શકાત; મારી વિરુદ્ધ વડાઈ કરનારો તે મારો શત્રુ ન હતો, એવાથી તો હું સંતાઈ રહી શકત.
संदर्भ में
१०रात-दिन वे उसकी शहरपनाह पर चढ़कर चारों ओर घूमते हैं; और उसके भीतर दुष्टता और उत्पात होता है।
११उसके भीतर दुष्टता ने बसेरा डाला है; और अत्याचार और छल उसके चौक से दूर नहीं होते।
१२जो मेरी नामधराई करता है वह शत्रु नहीं था, नहीं तो मैं उसको सह लेता; जो मेरे विरुद्ध बड़ाई मारता है वह मेरा बैरी नहीं है, नहीं तो मैं उससे छिप जाता।
१३परन्तु वह तो तू ही था जो मेरी बराबरी का मनुष्य मेरा परम मित्र और मेरी जान-पहचान का था।
१४हम दोनों आपस में कैसी मीठी-मीठी बातें करते थे; हम भीड़ के साथ परमेश्वर के भवन को जाते थे।
