भजन संहिता ५८:२
नहीं, तुम मन ही मन में कुटिल काम करते हो; तुम देश भर में उपद्रव करते जाते हो।भजन संहिता ५८:२ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Psalms 58:2
- No, in your heart you plot injustice. You measure out the violence of your hands on the earth.
- ગુજરાતી — ગીતશાસ્ત્ર ૫૮:૨
- ના, તમે તમારા મનમાં દુષ્ટતા યોજો છો; પૃથ્વી પર તમે તમારા હાથથી જુલમ તોળી આપો છો.
संदर्भ में
१हे मनुष्यों, क्या तुम सचमुच धार्मिकता की बात बोलते हो? और हे मनुष्य वंशियों क्या तुम सिधाई से न्याय करते हो?
२नहीं, तुम मन ही मन में कुटिल काम करते हो; तुम देश भर में उपद्रव करते जाते हो।
३दुष्ट लोग जन्मते ही पराए हो जाते हैं, वे पेट से निकलते ही झूठ बोलते हुए भटक जाते हैं।
४उनमें सर्प का सा विष है; वे उस नाग के समान है, जो सुनना नहीं चाहता ;
