प्रकाशितवाक्य ४:६
और उस सिंहासन के सामने मानो बिल्लौर के समान काँच के जैसा समुद्र है , और सिंहासन के बीच में और सिंहासन के चारों ओर चार प्राणी हैं, जिनके आगे-पीछे आँखें ही आँखें हैं। (यहे. 10:12)प्रकाशितवाक्य ४:६ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Revelation 4:6
- Before the throne was something like a sea of glass, similar to crystal. In the middle of the throne, and around the throne were four living creatures full of eyes before and behind.
- ગુજરાતી — પ્રકટીકરણ ૪:૬
- રાજ્યાસનની આગળ સ્ફટિકના જેવો ચળકતો સમુદ્ર હતો. રાજ્યાસનની મધ્યે તથા તેની આસપાસ આગળ પાછળ આંખોથી ભરપૂર એવાં ચાર પ્રાણી હતાં.
संदर्भ में
४उस सिंहासन के चारों ओर चौबीस सिंहासन है; और इन सिंहासनों पर चौबीस प्राचीन श्वेत वस्त्र पहने हुए बैठे हैं, और उनके सिरों पर सोने के मुकुट हैं। (प्रका. 11:16)
५उस सिंहासन में से बिजलियाँ और गर्जन निकलते हैं और सिंहासन के सामने आग के सात दीपक जल रहे हैं, वे परमेश्वर की सात आत्माएँ हैं, (जक. 4:2)
६और उस सिंहासन के सामने मानो बिल्लौर के समान काँच के जैसा समुद्र है , और सिंहासन के बीच में और सिंहासन के चारों ओर चार प्राणी हैं, जिनके आगे-पीछे आँखें ही आँखें हैं। (यहे. 10:12)
७पहला प्राणी सिंह के समान है, और दूसरा प्राणी बछड़े के समान है, तीसरे प्राणी का मुँह मनुष्य के समान है, और चौथा प्राणी उड़ते हुए उकाब के समान है। (यहे. 1:10, यहे. 10:14)
८और चारों प्राणियों के छः छः पंख हैं, और चारों ओर, और भीतर आँखें ही आँखें हैं; और वे रात-दिन बिना विश्राम लिए यह कहते रहते हैं, (यशा. 6:2,3) “पवित्र, पवित्र, पवित्र प्रभु परमेश्वर, सर्वशक्तिमान, जो था, और जो है, और जो आनेवाला है।”
