प्रकाशितवाक्य ४:८
और चारों प्राणियों के छः छः पंख हैं, और चारों ओर, और भीतर आँखें ही आँखें हैं; और वे रात-दिन बिना विश्राम लिए यह कहते रहते हैं, (यशा. 6:2,3) “पवित्र, पवित्र, पवित्र प्रभु परमेश्वर, सर्वशक्तिमान, जो था, और जो है, और जो आनेवाला है।”प्रकाशितवाक्य ४:८ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Revelation 4:8
- The four living creatures, each one of them having six wings, are full of eyes around and within. They have no rest day and night, saying, “Holy, holy, holy is the Lord God, the Almighty, who was and who is and who is to come!”
- ગુજરાતી — પ્રકટીકરણ ૪:૮
- તે ચાર પ્રાણીમાંના દરેકને છ છ પાંખ હતી, અને તેઓ ચારે તરફ તથા અંદર આંખોથી ભરપૂર હતાં. તેઓ ‘પવિત્ર, પવિત્ર, પવિત્ર, સર્વશક્તિમાન પ્રભુ ઈશ્વર, જે હતા, જે છે, અને જે આવનાર છે,’ એમ રાતદિવસ કહેતાં વિસામો લેતાં નહોતાં.
संदर्भ में
६और उस सिंहासन के सामने मानो बिल्लौर के समान काँच के जैसा समुद्र है , और सिंहासन के बीच में और सिंहासन के चारों ओर चार प्राणी हैं, जिनके आगे-पीछे आँखें ही आँखें हैं। (यहे. 10:12)
७पहला प्राणी सिंह के समान है, और दूसरा प्राणी बछड़े के समान है, तीसरे प्राणी का मुँह मनुष्य के समान है, और चौथा प्राणी उड़ते हुए उकाब के समान है। (यहे. 1:10, यहे. 10:14)
८और चारों प्राणियों के छः छः पंख हैं, और चारों ओर, और भीतर आँखें ही आँखें हैं; और वे रात-दिन बिना विश्राम लिए यह कहते रहते हैं, (यशा. 6:2,3) “पवित्र, पवित्र, पवित्र प्रभु परमेश्वर, सर्वशक्तिमान, जो था, और जो है, और जो आनेवाला है।”
९और जब वे प्राणी उसकी जो सिंहासन पर बैठा है, और जो युगानुयुग जीविता है, महिमा और आदर और धन्यवाद करेंगे। (दानि. 12:7)
१०तब चौबीसों प्राचीन सिंहासन पर बैठनेवाले के सामने गिर पड़ेंगे, और उसे जो युगानुयुग जीविता है प्रणाम करेंगे; और अपने-अपने मुकुट सिंहासन के सामने यह कहते हुए डाल देंगे, (भज. 47:8)
