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Methodist Church Nadiad

प्रकाशितवाक्य ५:४

तब मैं फूट फूटकर रोने लगा, क्योंकि उस पुस्तक के खोलने, या उस पर दृष्टि करने के योग्य कोई न मिला।

प्रकाशितवाक्य ५:४ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishRevelation 5:4
Then I wept much, because no one was found worthy to open the book or to look in it.
ગુજરાતીપ્રકટીકરણ ૫:૪
ત્યારે હું બહુ રડ્યો, કારણ કે તે ઓળિયું ખોલવાને અથવા તેમાંથી વાંચવાને કોઈ યોગ્ય વ્યક્તિ મળી નહિ.

संदर्भ में

फिर मैंने एक बलवन्त स्वर्गदूत को देखा जो ऊँचे शब्द से यह प्रचार करता था “इस पुस्तक के खोलने और उसकी मुहरें तोड़ने के योग्य कौन है?”

और न स्वर्ग में , न पृथ्वी पर, न पृथ्वी के नीचे कोई उस पुस्तक को खोलने या उस पर दृष्टि डालने के योग्य निकला ।

तब मैं फूट फूटकर रोने लगा, क्योंकि उस पुस्तक के खोलने, या उस पर दृष्टि करने के योग्य कोई न मिला।

इस पर उन प्राचीनों में से एक ने मुझसे कहा, “मत रो; देख, यहूदा के गोत्र का वह सिंह, जो दाऊद का मूल है, उस पुस्तक को खोलने और उसकी सातों मुहरें तोड़ने के लिये जयवन्त हुआ है।” (उत्प. 49:9, यशा. 11:1, यशा. 11:10)

तब मैंने उस सिंहासन और चारों प्राणियों और उन प्राचीनों के बीच में, मानो एक वध किया हुआ मेम्ना खड़ा देखा; उसके सात सींग और सात आँखें थीं; ये परमेश्वर की सातों आत्माएँ हैं, जो सारी पृथ्वी पर भेजी गई हैं। (जक. 4:10)

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