प्रकाशितवाक्य ५:६
तब मैंने उस सिंहासन और चारों प्राणियों और उन प्राचीनों के बीच में, मानो एक वध किया हुआ मेम्ना खड़ा देखा; उसके सात सींग और सात आँखें थीं; ये परमेश्वर की सातों आत्माएँ हैं, जो सारी पृथ्वी पर भेजी गई हैं। (जक. 4:10)प्रकाशितवाक्य ५:६ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Revelation 5:6
- I saw in the middle of the throne and of the four living creatures, and in the middle of the elders, a Lamb standing, as though it had been slain, having seven horns and seven eyes, which are the seven Spirits of God, sent out into all the earth.
- ગુજરાતી — પ્રકટીકરણ ૫:૬
- રાજ્યાસનની તથા ચાર પ્રાણીઓની વચ્ચે તથા વડીલોની વચ્ચે મારી નંખાયેલા જેવું એક હલવાન ઊભું રહેલું મેં જોયું. તેને સાત શિંગડાં તથા સાત આંખ હતી; એ આંખો ઈશ્વરના સાત આત્મા છે, જેઓને આખી પૃથ્વી પર મોકલવામાં આવેલા છે.
संदर्भ में
४तब मैं फूट फूटकर रोने लगा, क्योंकि उस पुस्तक के खोलने, या उस पर दृष्टि करने के योग्य कोई न मिला।
५इस पर उन प्राचीनों में से एक ने मुझसे कहा, “मत रो; देख, यहूदा के गोत्र का वह सिंह, जो दाऊद का मूल है, उस पुस्तक को खोलने और उसकी सातों मुहरें तोड़ने के लिये जयवन्त हुआ है।” (उत्प. 49:9, यशा. 11:1, यशा. 11:10)
६तब मैंने उस सिंहासन और चारों प्राणियों और उन प्राचीनों के बीच में, मानो एक वध किया हुआ मेम्ना खड़ा देखा; उसके सात सींग और सात आँखें थीं; ये परमेश्वर की सातों आत्माएँ हैं, जो सारी पृथ्वी पर भेजी गई हैं। (जक. 4:10)
७उसने आकर उसके दाहिने हाथ से जो सिंहासन पर बैठा था, वह पुस्तक ले ली, (प्रका. 5:1)
८जब उसने पुस्तक ले ली, तो वे चारों प्राणी और चौबीसों प्राचीन उस मेम्ने के सामने गिर पड़े; और हर एक के हाथ में वीणा और धूप से भरे हुए सोने के कटोरे थे, ये तो पवित्र लोगों की प्रार्थनाएँ हैं। (प्रका. 5:14, प्रका. 19:4)
