प्रकाशितवाक्य ५:८
जब उसने पुस्तक ले ली, तो वे चारों प्राणी और चौबीसों प्राचीन उस मेम्ने के सामने गिर पड़े; और हर एक के हाथ में वीणा और धूप से भरे हुए सोने के कटोरे थे, ये तो पवित्र लोगों की प्रार्थनाएँ हैं। (प्रका. 5:14, प्रका. 19:4)प्रकाशितवाक्य ५:८ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Revelation 5:8
- Now when he had taken the book, the four living creatures and the twenty-four elders fell down before the Lamb, each one having a harp, and golden bowls full of incense, which are the prayers of the saints.
- ગુજરાતી — પ્રકટીકરણ ૫:૮
- જયારે તેમણે તે ઓળિયું લીધું, ત્યારે ચારેય પ્રાણી તથા ચોવીસ વડીલોએ હલવાન આગળ દંડવત પ્રણામ કર્યું; અને દરેકની પાસે વીણા તથા ધૂપથી ભરેલાં સુવર્ણ પાત્ર હતાં, જે સંતોની પ્રાર્થનાઓ છે.
संदर्भ में
६तब मैंने उस सिंहासन और चारों प्राणियों और उन प्राचीनों के बीच में, मानो एक वध किया हुआ मेम्ना खड़ा देखा; उसके सात सींग और सात आँखें थीं; ये परमेश्वर की सातों आत्माएँ हैं, जो सारी पृथ्वी पर भेजी गई हैं। (जक. 4:10)
७उसने आकर उसके दाहिने हाथ से जो सिंहासन पर बैठा था, वह पुस्तक ले ली, (प्रका. 5:1)
८जब उसने पुस्तक ले ली, तो वे चारों प्राणी और चौबीसों प्राचीन उस मेम्ने के सामने गिर पड़े; और हर एक के हाथ में वीणा और धूप से भरे हुए सोने के कटोरे थे, ये तो पवित्र लोगों की प्रार्थनाएँ हैं। (प्रका. 5:14, प्रका. 19:4)
९और वे यह नया गीत गाने लगे, “तू इस पुस्तक के लेने, और उसकी मुहरें खोलने के योग्य है; क्योंकि तूने वध होकर अपने लहू से हर एक कुल, और भाषा, और लोग, और जाति में से परमेश्वर के लिये लोगों को मोल लिया है। (प्रका. 5:12)
१०“और उन्हें हमारे परमेश्वर के लिये एक राज्य और याजक बनाया; और वे पृथ्वी पर राज्य करते हैं।” (प्रका. 1:6)
