सभोपदेशक ५:१२
परिश्रम करनेवाला चाहे थोड़ा खाए, या बहुत, तो भी उसकी नींद सुखदाई होती है; परन्तु धनी के धन बढ़ने के कारण उसको नींद नहीं आती।सभोपदेशक ५:१२ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Ecclesiastes 5:12
- The sleep of a laboring man is sweet, whether he eats little or much; but the abundance of the rich will not allow him to sleep.
- ગુજરાતી — સભાશિક્ષક ૫:૧૨
- મજૂર ગમે તો ઓછું ખાય કે વધારે ખાય તોપણ તે શાંતિથી ઊંઘી શકે છે. પણ દ્રવ્યવાનની સમૃદ્ધિ તેને ઊંઘવા દેતી નથી.
संदर्भ में
१०जो रुपये से प्रीति रखता है वह रुपये से तृप्त न होगा; और न जो बहुत धन से प्रीति रखता है, लाभ से यह भी व्यर्थ है।
११जब सम्पत्ति बढ़ती है, तो उसके खानेवाले भी बढ़ते हैं, तब उसके स्वामी को इसे छोड़ और क्या लाभ होता है कि उस सम्पत्ति को अपनी आँखों से देखे?
१२परिश्रम करनेवाला चाहे थोड़ा खाए, या बहुत, तो भी उसकी नींद सुखदाई होती है; परन्तु धनी के धन बढ़ने के कारण उसको नींद नहीं आती।
१३मैंने सूर्य के नीचे एक बड़ी बुरी बला देखी है; अर्थात् वह धन जिसे उसके मालिक ने अपनी ही हानि के लिये रखा हो,
१४और वह धन किसी बुरे काम में उड़ जाता है; और उसके घर में बेटा उत्पन्न होता है परन्तु उसके हाथ में कुछ नहीं रहता।
