यशायाह ५७:१०
तू अपनी यात्रा की लम्बाई के कारण थक गई, तो भी तूने न कहा कि यह व्यर्थ है; तेरा बल कुछ अधिक हो गया, इसी कारण तू नहीं थकी।यशायाह ५७:१० · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Isaiah 57:10
- You were wearied with the length of your ways; yet you didn’t say, ‘It is in vain.’ You found a reviving of your strength; therefore you weren’t faint.
- ગુજરાતી — યશાયા ૫૭:૧૦
- તારી યાત્રા લાંબી હોવાને લીધે તું થાકી ગઈ છે, પણ “કંઈ આશા નથી” એવું તે કહ્યું નથી. તને તારા હાથમાં જીવન મળ્યું તેથી તું નબળી થઈ નહિ.
संदर्भ में
८तूने अपनी निशानी अपने द्वार के किवाड़ और चौखट की आड़ ही में रखी; मुझे छोड़कर तू औरों को अपने आपको दिखाने के लिये चढ़ी, तूने अपनी खाट चौड़ी की और उनसे वाचा बाँध ली, तूने उनकी खाट को जहाँ देखा, पसन्द किया।
९तू तेल लिए हुए राजा के पास गई और बहुत सुगन्धित तेल अपने काम में लाई; अपने दूत तूने दूर तक भेजे और अधोलोक तक अपने को नीचा किया।
१०तू अपनी यात्रा की लम्बाई के कारण थक गई, तो भी तूने न कहा कि यह व्यर्थ है; तेरा बल कुछ अधिक हो गया, इसी कारण तू नहीं थकी।
११तूने किसके डर से झूठ कहा, और किसका भय मानकर ऐसा किया कि मुझ को स्मरण नहीं रखा न मुझ पर ध्यान दिया? क्या मैं बहुत काल से चुप नहीं रहा? इस कारण तू मेरा भय नहीं मानती।
१२मैं आप तेरी धार्मिकता और कर्मों का वर्णन करूँगा , परन्तु उनसे तुझे कुछ लाभ न होगा।
