यशायाह ५७:११
तूने किसके डर से झूठ कहा, और किसका भय मानकर ऐसा किया कि मुझ को स्मरण नहीं रखा न मुझ पर ध्यान दिया? क्या मैं बहुत काल से चुप नहीं रहा? इस कारण तू मेरा भय नहीं मानती।यशायाह ५७:११ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Isaiah 57:11
- “Whom have you dreaded and feared, so that you lie, and have not remembered me, nor laid it to your heart? Haven’t I held my peace for a long time, and you don’t fear me?
- ગુજરાતી — યશાયા ૫૭:૧૧
- તને કોની ચિંતા છે અને કોનાથી ભય લાગે છે, કે તેં કપટથી આ કાર્ય કર્યું છે? તે મારું સ્મરણ રાખ્યું નથી અને ગંભીરતાથી મારો વિચાર કર્યો નથી. હું લાંબા સમયથી છાનો રહ્યો હતો? પણ તેં મને ગંભીરતાથી લીધો નહિ.
संदर्भ में
९तू तेल लिए हुए राजा के पास गई और बहुत सुगन्धित तेल अपने काम में लाई; अपने दूत तूने दूर तक भेजे और अधोलोक तक अपने को नीचा किया।
१०तू अपनी यात्रा की लम्बाई के कारण थक गई, तो भी तूने न कहा कि यह व्यर्थ है; तेरा बल कुछ अधिक हो गया, इसी कारण तू नहीं थकी।
११तूने किसके डर से झूठ कहा, और किसका भय मानकर ऐसा किया कि मुझ को स्मरण नहीं रखा न मुझ पर ध्यान दिया? क्या मैं बहुत काल से चुप नहीं रहा? इस कारण तू मेरा भय नहीं मानती।
१२मैं आप तेरी धार्मिकता और कर्मों का वर्णन करूँगा , परन्तु उनसे तुझे कुछ लाभ न होगा।
१३जब तू दुहाई दे, तब जिन मूर्तियों को तूने जमा किया है वे ही तुझे छुड़ाएँ! वे तो सब की सब वायु से वरन् एक ही फूँक से उड़ जाएँगी। परन्तु जो मेरी शरण लेगा वह देश का अधिकारी होगा, और मेरे पवित्र पर्वत का भी अधिकारी होगा।
