लूका १८:३
और उसी नगर में एक विधवा भी रहती थी: जो उसके पास आ आकर कहा करती थी, ‘मेरा न्याय चुकाकर मुझे मुद्दई से बचा।’लूका १८:३ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Luke 18:3
- A widow was in that city, and she often came to him, saying, ‘Defend me from my adversary!’
- ગુજરાતી — લૂક ૧૮:૩
- તે શહેરમાં એક વિધવા સ્ત્રી હતી; તે વારંવાર તેની પાસે આવતી હતી કે ‘મારા પ્રતિવાદીની પાસેથી મને ન્યાય અપાવ.’”
संदर्भ में
१फिर उसने इसके विषय में कि नित्य प्रार्थना करना और साहस नहीं छोड़ना चाहिए उनसे यह दृष्टान्त कहा:
२“किसी नगर में एक न्यायी रहता था; जो न परमेश्वर से डरता था और न किसी मनुष्य की परवाह करता था।
३और उसी नगर में एक विधवा भी रहती थी: जो उसके पास आ आकर कहा करती थी, ‘मेरा न्याय चुकाकर मुझे मुद्दई से बचा।’
४उसने कितने समय तक तो न माना परन्तु अन्त में मन में विचार कर कहा, ‘यद्यपि मैं न परमेश्वर से डरता, और न मनुष्यों की कुछ परवाह करता हूँ;
५फिर भी यह विधवा मुझे सताती रहती है, इसलिए मैं उसका न्याय चुकाऊँगा, कहीं ऐसा न हो कि घड़ी-घड़ी आकर अन्त को मेरी नाक में दम करे।’”
