Skip to content
Methodist Church Nadiad
उसने कितने समय तक तो न माना परन्तु अन्त में मन में विचार कर कहा, ‘यद्यपि मैं न परमेश्वर से डरता, और न मनुष्यों की कुछ परवाह करता हूँ;

लूका १८:४ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishLuke 18:4
He wouldn’t for a while; but afterward he said to himself, ‘Though I neither fear God nor respect man,
ગુજરાતીલૂક ૧૮:૪
કેટલીક મુદત સુધી તે એમ કરવા ઇચ્છતો ન હતો; પણ પછીથી તેણે પોતાના મનમાં વિચાર્યું કે, જોકે હું ઈશ્વરથી બીતો નથી, અને માણસને ગણકારતો નથી,

संदर्भ में

“किसी नगर में एक न्यायी रहता था; जो न परमेश्वर से डरता था और न किसी मनुष्य की परवाह करता था।

और उसी नगर में एक विधवा भी रहती थी: जो उसके पास आ आकर कहा करती थी, ‘मेरा न्याय चुकाकर मुझे मुद्दई से बचा।’

उसने कितने समय तक तो न माना परन्तु अन्त में मन में विचार कर कहा, ‘यद्यपि मैं न परमेश्वर से डरता, और न मनुष्यों की कुछ परवाह करता हूँ;

फिर भी यह विधवा मुझे सताती रहती है, इसलिए मैं उसका न्याय चुकाऊँगा, कहीं ऐसा न हो कि घड़ी-घड़ी आकर अन्त को मेरी नाक में दम करे।’”

प्रभु ने कहा, “सुनो, कि यह अधर्मी न्यायी क्या कहता है?

पूरा अध्याय पढ़ें

Ask us anything

Try asking

This assistant searches this website and the Bible, and uses AI for general questions about the Bible — those answers are marked. It cannot answer everything; for anything personal, please speak to our pastors.