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Methodist Church Nadiad
फिर भी यह विधवा मुझे सताती रहती है, इसलिए मैं उसका न्याय चुकाऊँगा, कहीं ऐसा न हो कि घड़ी-घड़ी आकर अन्त को मेरी नाक में दम करे।’”

लूका १८:५ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishLuke 18:5
yet because this widow bothers me, I will defend her, or else she will wear me out by her continual coming.’”
ગુજરાતીલૂક ૧૮:૫
તોપણ આ વિધવા સ્ત્રી મને તસ્દી આપે છે, માટે હું તેને ન્યાય અપાવીશ, કે જેથી તે વારેઘડીએ આવીને મને તંગ કરે નહિ.’”

संदर्भ में

और उसी नगर में एक विधवा भी रहती थी: जो उसके पास आ आकर कहा करती थी, ‘मेरा न्याय चुकाकर मुझे मुद्दई से बचा।’

उसने कितने समय तक तो न माना परन्तु अन्त में मन में विचार कर कहा, ‘यद्यपि मैं न परमेश्वर से डरता, और न मनुष्यों की कुछ परवाह करता हूँ;

फिर भी यह विधवा मुझे सताती रहती है, इसलिए मैं उसका न्याय चुकाऊँगा, कहीं ऐसा न हो कि घड़ी-घड़ी आकर अन्त को मेरी नाक में दम करे।’”

प्रभु ने कहा, “सुनो, कि यह अधर्मी न्यायी क्या कहता है?

अतः क्या परमेश्वर अपने चुने हुओं का न्याय न चुकाएगा, जो रात-दिन उसकी दुहाई देते रहते; और क्या वह उनके विषय में देर करेगा?

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