भजन संहिता ३६:२
वह अपने अधर्म के प्रगट होने और घृणित ठहरने के विषय अपने मन में चिकनी चुपड़ी बातें विचारता है।भजन संहिता ३६:२ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Psalms 36:2
- For he flatters himself in his own eyes, too much to detect and hate his sin.
- ગુજરાતી — ગીતશાસ્ત્ર ૩૬:૨
- કેમ કે તે પોતાના મનમાં અભિમાન કરે છે કે મારો અન્યાય પ્રગટ થશે નહિ અને મારો તિરસ્કાર થશે નહિ.
संदर्भ में
१दुष्ट जन का अपराध उसके हृदय के भीतर कहता है; परमेश्वर का भय उसकी दृष्टि में नहीं है। (रोम. 3:18)
२वह अपने अधर्म के प्रगट होने और घृणित ठहरने के विषय अपने मन में चिकनी चुपड़ी बातें विचारता है।
३उसकी बातें अनर्थ और छल की हैं; उसने बुद्धि और भलाई के काम करने से हाथ उठाया है।
४वह अपने बिछौने पर पड़े-पड़े अनर्थ की कल्पना करता है ; वह अपने कुमार्ग पर दृढ़ता से बना रहता है; बुराई से वह हाथ नहीं उठाता।
