भजन संहिता ३६:३
उसकी बातें अनर्थ और छल की हैं; उसने बुद्धि और भलाई के काम करने से हाथ उठाया है।भजन संहिता ३६:३ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Psalms 36:3
- The words of his mouth are iniquity and deceit. He has ceased to be wise and to do good.
- ગુજરાતી — ગીતશાસ્ત્ર ૩૬:૩
- તેના શબ્દો અન્યાય તથા કપટથી ભરેલા છે; તેને જ્ઞાની થવાનું તથા ભલું કરવાનું ગમતું નથી.
संदर्भ में
१दुष्ट जन का अपराध उसके हृदय के भीतर कहता है; परमेश्वर का भय उसकी दृष्टि में नहीं है। (रोम. 3:18)
२वह अपने अधर्म के प्रगट होने और घृणित ठहरने के विषय अपने मन में चिकनी चुपड़ी बातें विचारता है।
३उसकी बातें अनर्थ और छल की हैं; उसने बुद्धि और भलाई के काम करने से हाथ उठाया है।
४वह अपने बिछौने पर पड़े-पड़े अनर्थ की कल्पना करता है ; वह अपने कुमार्ग पर दृढ़ता से बना रहता है; बुराई से वह हाथ नहीं उठाता।
५हे यहोवा, तेरी करुणा स्वर्ग में है, तेरी सच्चाई आकाशमण्डल तक पहुँची है।
