भजन संहिता ३६:४
वह अपने बिछौने पर पड़े-पड़े अनर्थ की कल्पना करता है ; वह अपने कुमार्ग पर दृढ़ता से बना रहता है; बुराई से वह हाथ नहीं उठाता।भजन संहिता ३६:४ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Psalms 36:4
- He plots iniquity on his bed. He sets himself in a way that is not good. He doesn’t abhor evil.
- ગુજરાતી — ગીતશાસ્ત્ર ૩૬:૪
- તે પોતાના પલંગ ઉપર અન્યાય કરવાને યોજના ઘડે છે; તે અન્યાયના માર્ગમાં ઊભો રહે છે; તે દુષ્ટતાને નકારતો નથી.
संदर्भ में
२वह अपने अधर्म के प्रगट होने और घृणित ठहरने के विषय अपने मन में चिकनी चुपड़ी बातें विचारता है।
३उसकी बातें अनर्थ और छल की हैं; उसने बुद्धि और भलाई के काम करने से हाथ उठाया है।
४वह अपने बिछौने पर पड़े-पड़े अनर्थ की कल्पना करता है ; वह अपने कुमार्ग पर दृढ़ता से बना रहता है; बुराई से वह हाथ नहीं उठाता।
५हे यहोवा, तेरी करुणा स्वर्ग में है, तेरी सच्चाई आकाशमण्डल तक पहुँची है।
६तेरा धर्म ऊँचे पर्वतों के समान है, तेरा न्याय अथाह सागर के समान हैं; हे यहोवा, तू मनुष्य और पशु दोनों की रक्षा करता है।
