भजन संहिता ३९:३
मेरा हृदय अन्दर ही अन्दर जल रहा था । सोचते-सोचते आग भड़क उठी; तब मैं अपनी जीभ से बोल उठा;भजन संहिता ३९:३ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Psalms 39:3
- My heart was hot within me. While I meditated, the fire burned. I spoke with my tongue:
- ગુજરાતી — ગીતશાસ્ત્ર ૩૯:૩
- મારું હૃદય મારામાં તપી ગયું; જ્યારે મેં આ બાબતો વિષે વિચાર કર્યો, ત્યારે વિચારોનો અગ્નિ સળગી ઊઠ્યો. પછી અંતે હું બોલ્યો કે,
संदर्भ में
१मैंने कहा, “मैं अपनी चाल चलन में चौकसी करूँगा, ताकि मेरी जीभ से पाप न हो; जब तक दुष्ट मेरे सामने है, तब तक मैं लगाम लगाए अपना मुँह बन्द किए रहूँगा।” (याकू. 1:26)
२मैं मौन धारण कर गूँगा बन गया, और भलाई की ओर से भी चुप्पी साधे रहा; और मेरी पीड़ा बढ़ गई,
३मेरा हृदय अन्दर ही अन्दर जल रहा था । सोचते-सोचते आग भड़क उठी; तब मैं अपनी जीभ से बोल उठा;
४“हे यहोवा, ऐसा कर कि मेरा अन्त मुझे मालूम हो जाए, और यह भी कि मेरी आयु के दिन कितने हैं; जिससे मैं जान लूँ कि कैसा अनित्य हूँ!
५देख, तूने मेरी आयु बालिश्त भर की रखी है, और मेरा जीवनकाल तेरी दृष्टि में कुछ है ही नहीं। सचमुच सब मनुष्य कैसे ही स्थिर क्यों न हों तो भी व्यर्थ ठहरे हैं। (सेला)
