भजन संहिता ३९:४
“हे यहोवा, ऐसा कर कि मेरा अन्त मुझे मालूम हो जाए, और यह भी कि मेरी आयु के दिन कितने हैं; जिससे मैं जान लूँ कि कैसा अनित्य हूँ!भजन संहिता ३९:४ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Psalms 39:4
- “LORD, show me my end, what is the measure of my days. Let me know how frail I am.
- ગુજરાતી — ગીતશાસ્ત્ર ૩૯:૪
- “હે યહોવાહ, મને જણાવો કે મારું આયુષ્ય કેટલું છે? અને મારા આયુષ્યના દિવસો કેટલા છે, તે મને જણાવો. હું કેવો ક્ષણભંગુર છું, તે મને સમજાવો.
संदर्भ में
२मैं मौन धारण कर गूँगा बन गया, और भलाई की ओर से भी चुप्पी साधे रहा; और मेरी पीड़ा बढ़ गई,
३मेरा हृदय अन्दर ही अन्दर जल रहा था । सोचते-सोचते आग भड़क उठी; तब मैं अपनी जीभ से बोल उठा;
४“हे यहोवा, ऐसा कर कि मेरा अन्त मुझे मालूम हो जाए, और यह भी कि मेरी आयु के दिन कितने हैं; जिससे मैं जान लूँ कि कैसा अनित्य हूँ!
५देख, तूने मेरी आयु बालिश्त भर की रखी है, और मेरा जीवनकाल तेरी दृष्टि में कुछ है ही नहीं। सचमुच सब मनुष्य कैसे ही स्थिर क्यों न हों तो भी व्यर्थ ठहरे हैं। (सेला)
६सचमुच मनुष्य छाया सा चलता फिरता है; सचमुच वे व्यर्थ घबराते हैं; वह धन का संचय तो करता है परन्तु नहीं जानता कि उसे कौन लेगा!
