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Methodist Church Nadiad
“हे यहोवा, ऐसा कर कि मेरा अन्त मुझे मालूम हो जाए, और यह भी कि मेरी आयु के दिन कितने हैं; जिससे मैं जान लूँ कि कैसा अनित्य हूँ!

भजन संहिता ३९:४ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishPsalms 39:4
“LORD, show me my end, what is the measure of my days. Let me know how frail I am.
ગુજરાતીગીતશાસ્ત્ર ૩૯:૪
“હે યહોવાહ, મને જણાવો કે મારું આયુષ્ય કેટલું છે? અને મારા આયુષ્યના દિવસો કેટલા છે, તે મને જણાવો. હું કેવો ક્ષણભંગુર છું, તે મને સમજાવો.

संदर्भ में

मैं मौन धारण कर गूँगा बन गया, और भलाई की ओर से भी चुप्पी साधे रहा; और मेरी पीड़ा बढ़ गई,

मेरा हृदय अन्दर ही अन्दर जल रहा था । सोचते-सोचते आग भड़क उठी; तब मैं अपनी जीभ से बोल उठा;

“हे यहोवा, ऐसा कर कि मेरा अन्त मुझे मालूम हो जाए, और यह भी कि मेरी आयु के दिन कितने हैं; जिससे मैं जान लूँ कि कैसा अनित्य हूँ!

देख, तूने मेरी आयु बालिश्त भर की रखी है, और मेरा जीवनकाल तेरी दृष्टि में कुछ है ही नहीं। सचमुच सब मनुष्य कैसे ही स्थिर क्यों न हों तो भी व्यर्थ ठहरे हैं। (सेला)

सचमुच मनुष्य छाया सा चलता फिरता है; सचमुच वे व्यर्थ घबराते हैं; वह धन का संचय तो करता है परन्तु नहीं जानता कि उसे कौन लेगा!

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