भजन संहिता ३९:६
सचमुच मनुष्य छाया सा चलता फिरता है; सचमुच वे व्यर्थ घबराते हैं; वह धन का संचय तो करता है परन्तु नहीं जानता कि उसे कौन लेगा!भजन संहिता ३९:६ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Psalms 39:6
- “Surely every man walks like a shadow. Surely they busy themselves in vain. He heaps up, and doesn’t know who shall gather.
- ગુજરાતી — ગીતશાસ્ત્ર ૩૯:૬
- નિશ્ચે દરેક માણસ આભાસરૂપે હાલેચાલે છે. નિશ્ચે દરેક જણ મિથ્યા ગભરાય છે તે સંગ્રહ કરે છે પણ તે કોણ ભોગવશે એ તે જાણતો નથી.
संदर्भ में
४“हे यहोवा, ऐसा कर कि मेरा अन्त मुझे मालूम हो जाए, और यह भी कि मेरी आयु के दिन कितने हैं; जिससे मैं जान लूँ कि कैसा अनित्य हूँ!
५देख, तूने मेरी आयु बालिश्त भर की रखी है, और मेरा जीवनकाल तेरी दृष्टि में कुछ है ही नहीं। सचमुच सब मनुष्य कैसे ही स्थिर क्यों न हों तो भी व्यर्थ ठहरे हैं। (सेला)
६सचमुच मनुष्य छाया सा चलता फिरता है; सचमुच वे व्यर्थ घबराते हैं; वह धन का संचय तो करता है परन्तु नहीं जानता कि उसे कौन लेगा!
७“अब हे प्रभु, मैं किस बात की बाट जोहूँ? मेरी आशा तो तेरी ओर लगी है।
८मुझे मेरे सब अपराधों के बन्धन से छुड़ा ले। मूर्ख मेरी निन्दा न करने पाए।
