भजन संहिता ३९:५
देख, तूने मेरी आयु बालिश्त भर की रखी है, और मेरा जीवनकाल तेरी दृष्टि में कुछ है ही नहीं। सचमुच सब मनुष्य कैसे ही स्थिर क्यों न हों तो भी व्यर्थ ठहरे हैं। (सेला)भजन संहिता ३९:५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Psalms 39:5
- Behold, you have made my days hand widths. My lifetime is as nothing before you. Surely every man stands as a breath.” Selah.
- ગુજરાતી — ગીતશાસ્ત્ર ૩૯:૫
- જુઓ, તમે મારા દિવસો મુઠ્ઠીભર કર્યા છે અને મારું આયુષ્ય તમારી આગળ કંઈ જ નથી. ચોક્કસ દરેક માણસ વ્યર્થ છે.
संदर्भ में
३मेरा हृदय अन्दर ही अन्दर जल रहा था । सोचते-सोचते आग भड़क उठी; तब मैं अपनी जीभ से बोल उठा;
४“हे यहोवा, ऐसा कर कि मेरा अन्त मुझे मालूम हो जाए, और यह भी कि मेरी आयु के दिन कितने हैं; जिससे मैं जान लूँ कि कैसा अनित्य हूँ!
५देख, तूने मेरी आयु बालिश्त भर की रखी है, और मेरा जीवनकाल तेरी दृष्टि में कुछ है ही नहीं। सचमुच सब मनुष्य कैसे ही स्थिर क्यों न हों तो भी व्यर्थ ठहरे हैं। (सेला)
६सचमुच मनुष्य छाया सा चलता फिरता है; सचमुच वे व्यर्थ घबराते हैं; वह धन का संचय तो करता है परन्तु नहीं जानता कि उसे कौन लेगा!
७“अब हे प्रभु, मैं किस बात की बाट जोहूँ? मेरी आशा तो तेरी ओर लगी है।
